बुधवार, 6 मई 2020

कोरोना वायरस से बचाव हेतु आवश्यक सावधानी

कोरोना वायरस चीन के बुहान शहर से निकल कर सारे विश्व में फ़ैल गया है और इस संक्रामक वायरस से लाखों लोग पीड़ित हैं । कई देश इसके आगे घुटने टेक चुके हैं और हजारों लोगों काल के गाल में समा गए हैं । सुपर पावर कहे जाने वाले अमेरिका शक्तिशाली देश भी इसके आगे घुटने टेक चुके हैं । यह वायरस हमारे देश में तेजी से फ़ैल रहा है और हजारों लोगबाग पीड़ित हैं और इससे कई लोगों की मृत्यु हो गई है । कोरोना वायरस से बचाव हेतु कुछ आवश्यक सावधानी रखना बहुत जरुरी है ।

1. बाहर जाने पर मास्क का उपयोग करना बहुत जरुरी है ।
2. बाहर से आने के पश्चात अपने कपड़े धो लें या इन्हें धूप में रख दें जिससे इसके वायरस नष्ट हो जाते हैं ।
3. अपने हाथों को साबुन से दिन में कम से कम धोते रहें ।
4. बाहरी व्यक्ति से आवश्यक सामग्री और सब्जी न लें और अपने परिचित व्यक्ति या दुकानदार से सामग्री / सब्जी वगैरा खरीदें ।
5. सर्दी खाँसी वाले व्यक्ति से दूरी बनाकर रहें और डिस्टेंसिंग का पालन करें ।
6. सर्दी या कफ हो तो गुनगुने पानी में नमक डाल कर गरारे करें ।
7. एक चम्मच हल्दी दूध या पानी के साथ प्रतिदिन सेवन करें ।
8. इम्युनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी, कालीमिर्च, अदरक, लौंग, अजवाईन, तुलसी का काढ़ा तैयार कर नियमित सेवन करें इससे किसी भी तरह के वायरस से आपका बचाव होगा और आप स्वस्थ रहेंगें । बीमार वृद्ध व्यक्तियों को कमजोर रहने पर रहने पर कोरोना और अन्य तरह के वायरस आपको बीमार कर सकते है.

उपलब्धियों का मूल्यांकन कठिन विषम समय में ही होता है ....

एक धूपबत्ती बहुत धुंआ कर रही थी तो उसका उपहास उड़ाते हुये उसकी साथी मोमबत्ती ने कहा - मुझ से तुम शिक्षा क्यों ग्रहण नहीं करती हो । आगे फिर मोमबत्ती ने कहा - देखो मेरा प्रकाश चारों ओर फ़ैल रहा है और सभी मेरी ओर मेरे प्रकाश को देखते रहते हैं और एक तुम हो कि हमेशा धुंआ फैलाने में लगी रहती हो ।

धूपबत्ती ने कहा - यह सब ठीक है परन्तु जीवन में जब परीक्षा का समय आएं तब धैर्य के साथ तुम क्या अडिग रह सकोगी तो ही तुम्हारी इस चमक की सार्थकता सिद्ध होगी ।  धूपबत्ती की बात को मोमबत्ती ने अनसुनी कर दी और उसकी बात को मजाक समझकर हवा में उड़ा दी ।

कुछ समय बाद एक तेज हवा का झोंका आया और मोमबत्ती बुझ गई परन्तु हवा के तेज प्रवाह से धूपबत्ती ने तीव्रता के साथ चारों और सुगंध फैलाना शुरू कर दिया वहां उपस्थित लोगबाग धूपबत्ती की सुगंध से  प्रसन्न हो गये । तब जाकर मोमबत्ती को यह अहसास हो गया कि क्षणिक उपलब्धता पर अहंकार करना मूर्खता के सिवा कुछ नहीं है ।  उपलब्धियों का मूल्यांकन कठिन विषम समय में ही होता है ।