रविवार, 26 मई 2013

कुछ हास्य-परिहास ....


बहुत दिनों से कुछ हास्य-परिहास हंसी वाली पोस्टे पढ़ने को मिल नहीं रही थी इसीलिए मैंने सोचा की कुछ हंसाने की लिखी जाए तो उदास मन में मुस्कराहट बिखेर दे और ताजगी की उमंग पैदा कर दे.. इसी तारतम्य में कुछ जोग ...

पति पत्नी से - क्या कारण है की तुम आजकल मुझसे ज्यादा कुत्ते पर फ़िदा हो ?
पत्नी - कम से कम वह तुम्हारी तरह भौकता तो नहीं है.
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नई नई बीबी अपने पति से मुस्कुराकर बोली - जानते हो मैंने सोलह दिन केवल तुलसी के पत्ते खाकर गुजारे और दो सालो तक लगातार प्रयेक शुक्रवार को संतोषी माता का व्रत किया तब कही जाकर आपको पति रूप में पाया.
पति - अगर यह सब न करती तो ?
पत्नी ने उत्तर दिया - धत तेरे की समझे नहीं तो कोई आपसे भी गया गुजरा मेरे पल्ले में पड़ता.
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एक बीबी चटकारे ले लेकर अपनी दूसरी सहेली से कह रही थी अरे तुझे मालूम है मेरे पति की रात को देर से घर लौटने की बुरी आदत थी वह मैंने छुड़ा दी .
सहेली - वह कैसे ?
बीबी - एक रोज वो रात को बारह बजे घर लौटा तो मैंने जोर से आवाज लगाकर कहा क्या बात है मोहन आज तुमने आने में देर कर दी इसके बाद मेरा पति दिन डूबने के पहले घर आने लगा .
सहेली - यह सब कैसे संभव हो गया ?
बीबी - दरअसल मेरे पति का नाम मनोहर है .
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एक सहेली दूसरी सहेली से - क्या तुम्हारे पति तुम्हे अब भी कांटते है ?
पहली सहेली - नहीं
दूसरी सहेली पहली से - अच्छा तो उनकी काटने की आदत अब छूट गई होगी .
पहली सहेली दूसरी से - नहीं दरअसल उनके दांत अब टूट गए हैं.
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एक दिन ताउजी ने भारतीय रेल को धोका देने की सोची क्योकि वह कुछ नया ही करना चाहता थे. उन्होंने एक आइडिया सोचा . उन्होंने एक टिकट खरीदा पर रेल में बैठे ही नहीं .
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एक आदमी अपने पन्द्रह बच्चो के साथ उन्हें जिराफ दिखाने के लिए चिड़िया घर गया और दरबान से कहा इन सब बच्चो को मै जिराफ दिखलाना चाहता हूँ
दरबान ने हैरत से उस आदमी को देखते हुए कहा - ये सारे बच्चे तुम्हारे है . उस आदमी ने कहा - हाँ
दरबान ने कहा - तो तुम लोग यही ठहरो मै जिराफ को यही ले आता हूँ वह तुम लोगो को देख लेगा.
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प्रेमी अपनी प्रेमिका से - आजकल मेरी शादी के लिए कार वालो के रिश्ते आ रहे है अगर तुम्हारे पिता कार दे सके तो मै तभी शादी करूँगा .
प्रेमिका प्रेमी से - मेरे पिता तुम्हे रेलगाड़ी भी दे सकते है पहले तुम पटरियां बिछवाने का प्रबंध तो करो .
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शनिवार, 25 मई 2013

जल सरक्षण हेतु वाटर हारवेस्टिंग से भी सस्ता घरो में सोकपिट जरुर बनवाये ...

दिनोदिन भूमि का जलस्तर निरंतर कम होता जा रहा है जिसके कारण दिनोदिन पानी का संकट गहराता जा रहा है. यदि आप भी पानी की समस्या से ग्रस्त है तो आप अपने घरो में मुहल्लों में सोकपिट अवश्य बनवाये. वाटर हारवेस्टिंग प्रणाली में थोडा खर्चा आता है इसमें आपको बोरबेल खुदवाना पड़ता है और पाइप्स वगैरा की जरुरत पड़ती है जो आम गरीबजन के लिए मंहगा पड़ता है. आज मै आपको सोकपिट के बारे में जानकारी दे रहा हूँ जिसमे कोई अधिक खर्च नहीं करना पड़ता है. भूमि का जलस्तर बढ़ाने के लिए वाटर हारवेस्टिंग और सोकपिट प्रणाली अपनाई जा रही है. आप समय रहते अपने घरो में और मुहल्लो में अपने जीवन में सोकपिट जरुर बनवाये. बरसात के पूर्व सोकपिट बनवाये.

आप अपने घर या आसपास उपयुक्त स्थान पर बनवाये जहाँ पर छतो से या अन्य जगह से पानी बहकर आता हो. उपयुक्त स्थान पर पॉँच फुट गहरा पांच फुट चौडा और पांच फुट लम्बा गड्डा खुदवाये.

गड्डे के अन्दर वगैर सीमेंट और मिट्टी की मदद से ईटो को जुडवाए.

फिर इस गड्डे में एक फुट की ऊंचाई तक रेत भरवाए और रेत के बाद एक फुट की ऊंचाई तक कोयला भरवाए फिर कोयले के ऊपर एक फुट तक मोटी बजरी भरवाए. गड्डे के शेष बचे स्थान पर टूटे फूटे अद्धा पौना ईटो के टुकड़े भरवाए और गड्डे को चीपो से ढांक दे. गड्डे को अच्छी तरह से ढांक दे जिससे गड्डे में मच्छर और अन्य कीडे मकौडे न रह सके. छत या जहाँ से बरसाती पानी बहकर आता है को एक पाइप के जरिये इस गड्डे में जाने दे.

लीजिये आपका सोकपिट तैयार हो गया इसके माध्यम से भूमि का कुंओ का जलस्तर बढेगा और काफी समय तक आपको पानी के संकट से निजाद दिला सकता है.

फोटो - सोकपिट सिस्टम

रिमार्क - जहाँ भी पानी बहता देखे उसे रोके और अन्य को भी बहते पानी को रोकने हेतु प्रेरित करें. जल ही जीवन है.